002 नियमसार जी कारणशुद्धपर्याय जाम नगर 2011 यशस्वी आ० बा०ब्र० संध्या बहन जैन “दीदीश्री” (शिकोहाबाद)
जैन दर्शन में आत्मा का स्वभाव और अनंत चतुष्टय का रहस्य जैन दर्शन में आत्मा को अनादि-अनंत, शुद्ध और चेतन […]
जैन दर्शन में आत्मा का स्वभाव और अनंत चतुष्टय का रहस्य जैन दर्शन में आत्मा को अनादि-अनंत, शुद्ध और चेतन […]
शुद्ध निश्चय नियम का सच्चा स्वरूप – आत्मा के नित्य आनंद का अनुभव जैन दर्शन के महान ग्रंथ नियमसार में