🙏 जय जिनेन्द्र — चारों अनुयोगों का समुचित स्वाध्याय परिचय सहयोग ❤
॥ जय जिनेन्द्र ॥

यशस्वी श्री कुंदकुंद कहान
जैन चैरिटेबल ट्रस्ट

चारों अनुयोगों के समुचित स्वाध्याय द्वारा आत्महित — एवं सभी मोक्षार्थी जीवों को एक साथ एक समूह में बनाए रखने का पुनीत संकल्प।

2017स्थापना वर्ष
12+कार्यक्षेत्र
6प्रकाशित ग्रंथ
हज़ारोंस्वाध्यायी
आदरणीया दीदीश्री — मंगल प्रेरणास्रोत
णमो अरिहंताणं · णमो सिद्धाणं · णमो आइरियाणं · णमो उवज्झायाणं · णमो लोए सव्वसाहूणं
णमोकार महामंत्र — The Eternal Salutation

एक ही मंच पर — ज्ञान, भक्ति एवं स्वाध्याय

ट्रस्ट की समस्त गतिविधियाँ एवं जिनवाणी — डिजिटल रूप में सहज उपलब्ध

🌼 नवीनतम प्रवचन

हमारे YouTube चैनल से ताज़ा स्वाध्याय एवं भक्ति

सभी वीडियो देखें →

आदरणीया संध्या बहनजी — दीदीश्री

मंगल प्रेरणास्रोत — आदरणीया दीदीश्री

“चारों अनुयोगों के समुचित स्वाध्याय द्वारा आत्महित तथा सभी मोक्षार्थी जीवों को एक समूह में बनाए रखना।”

आदरणीया बा.ब्र. संध्या बहनजी “दीदीश्री”, शिकोहाबाद की मंगल प्रेरणा से “यशस्वी श्री कुंदकुंद कहान जैन चैरिटेबल ट्रस्ट” की स्थापना (20 मार्च 2017) को की गई। आज यह ट्रस्ट अपने नियमित स्वाध्याय एवं नित-नवीन गतिविधियों के कारण एक जाना-माना नाम ब…

सम्पूर्ण परिचय पढ़ें →

हमारी गतिविधियाँ एवं उपलब्धियाँ

निरंतर आत्महित एवं तत्त्व-प्रभावना के क्षेत्र में कार्यरत

12+प्रमुख कार्यक्षेत्र
6प्रकाशित जिनवाणी ग्रंथ
2020से प्रतिदिन ऑनलाइन स्वाध्याय (Zoom)
2YouTube स्वाध्याय चैनल

और जानें — About Us

ट्रस्ट के कार्यक्षेत्र

आत्महित से लेकर जिनवाणी प्रकाशन तक — अनेक पुण्य कार्य

1
🌿

स्वास्थ्य लाभ

ब्रह्मचारी भाई एवं बहिनों को अहिंसक विधिपूर्वक स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराना।

2
🗣️

आध्यात्मिक संगोष्ठियाँ

आध्यात्मिक संगोष्ठियों का नियमित आयोजन एवं तत्त्वचर्चा।

3
🛕

सामूहिक तीर्थयात्रा

सामूहिक तीर्थयात्राओं का आयोजन एवं संचालन।

4
📖

सामूहिक स्वाध्याय

नियमित सामूहिक स्वाध्याय द्वारा तत्त्वचिंतन एवं तत्त्व-प्रभावना करना व कराना।

5

YouTube चैनल — अलका जैन

"सदा सहज अलका जैन – YSKKJCT" — दीदीश्री द्वारा रचित प्रवचन एवं भक्ति।

6
💻

ऑनलाइन स्वाध्याय

कोरोनाकाल 25.03.2020 से Zoom द्वारा प्रात:-सायं ऑनलाइन स्वाध्याय (श्री अनिल भाई) — देश-विदेश से सैकड़ों साधर्मी लाभान्वित।

सभी 12 कार्यक्षेत्र देखें

अनुभव एवं प्रशंसा

साधकों के मुखारविंद से सुने गए आशीर्वचन

"“दीदीश्री की प्रेरणा एवं इस ट्रस्ट के स्वाध्याय से मेरा जीवन तत्त्वमय हो गया। जय जिनेन्द्र।”"

एक साधर्मी
स्वाध्यायी

"“ज़ूम स्वाध्याय के माध्यम से देश-विदेश से जुड़कर नियमित तत्त्वचर्चा का लाभ मिल रहा है।”"

एक साधर्मिणी
ऑनलाइन स्वाध्याय

इस पुनीत संकल्प का अंग बनें

जिनवाणी प्रकाशन एवं धर्म-प्रभावना के इस पुण्य कार्य में तन, मन और धन से सहयोग दीजिए।