यशस्वी श्री कुंदकुंद कहान
जैन चैरिटेबल ट्रस्ट
चारों अनुयोगों के समुचित स्वाध्याय द्वारा आत्महित — एवं सभी मोक्षार्थी जीवों को एक साथ एक समूह में बनाए रखने का पुनीत संकल्प।
एक ही मंच पर — ज्ञान, भक्ति एवं स्वाध्याय
ट्रस्ट की समस्त गतिविधियाँ एवं जिनवाणी — डिजिटल रूप में सहज उपलब्ध
Media — प्रवचन
दीदीश्री द्वारा रचित प्रवचन, भक्ति, Shorts एवं Live — हमारे YouTube चैनलों से।
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पूजन, पाठ, स्तुति एवं भक्ति — ज्ञान-वैराग्यमयी रचनाओं का संग्रह।
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श्री नियमसारजी, पंचपरमागम रहस्य सहित प्रकाशित जिनवाणी — पढ़ें व डाउनलोड करें।
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अष्टमी, चतुर्दशी, दशलक्षण, पर्युषण एवं प्रमुख पर्व — मासिक पंचांग।
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संगोष्ठियाँ, तीर्थयात्रा एवं प्रभावना के पावन क्षणों की झलकियाँ।
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मंगल प्रेरणास्रोत — आदरणीया दीदीश्री
“चारों अनुयोगों के समुचित स्वाध्याय द्वारा आत्महित तथा सभी मोक्षार्थी जीवों को एक समूह में बनाए रखना।”
आदरणीया बा.ब्र. संध्या बहनजी “दीदीश्री”, शिकोहाबाद की मंगल प्रेरणा से “यशस्वी श्री कुंदकुंद कहान जैन चैरिटेबल ट्रस्ट” की स्थापना (20 मार्च 2017) को की गई। आज यह ट्रस्ट अपने नियमित स्वाध्याय एवं नित-नवीन गतिविधियों के कारण एक जाना-माना नाम ब…
हमारी गतिविधियाँ एवं उपलब्धियाँ
निरंतर आत्महित एवं तत्त्व-प्रभावना के क्षेत्र में कार्यरत
ट्रस्ट के कार्यक्षेत्र
आत्महित से लेकर जिनवाणी प्रकाशन तक — अनेक पुण्य कार्य
स्वास्थ्य लाभ
ब्रह्मचारी भाई एवं बहिनों को अहिंसक विधिपूर्वक स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराना।
आध्यात्मिक संगोष्ठियाँ
आध्यात्मिक संगोष्ठियों का नियमित आयोजन एवं तत्त्वचर्चा।
सामूहिक तीर्थयात्रा
सामूहिक तीर्थयात्राओं का आयोजन एवं संचालन।
सामूहिक स्वाध्याय
नियमित सामूहिक स्वाध्याय द्वारा तत्त्वचिंतन एवं तत्त्व-प्रभावना करना व कराना।
YouTube चैनल — अलका जैन
"सदा सहज अलका जैन – YSKKJCT" — दीदीश्री द्वारा रचित प्रवचन एवं भक्ति।
ऑनलाइन स्वाध्याय
कोरोनाकाल 25.03.2020 से Zoom द्वारा प्रात:-सायं ऑनलाइन स्वाध्याय (श्री अनिल भाई) — देश-विदेश से सैकड़ों साधर्मी लाभान्वित।
अनुभव एवं प्रशंसा
साधकों के मुखारविंद से सुने गए आशीर्वचन
"“दीदीश्री की प्रेरणा एवं इस ट्रस्ट के स्वाध्याय से मेरा जीवन तत्त्वमय हो गया। जय जिनेन्द्र।”"
"“ज़ूम स्वाध्याय के माध्यम से देश-विदेश से जुड़कर नियमित तत्त्वचर्चा का लाभ मिल रहा है।”"
इस पुनीत संकल्प का अंग बनें
जिनवाणी प्रकाशन एवं धर्म-प्रभावना के इस पुण्य कार्य में तन, मन और धन से सहयोग दीजिए।