
आदरणीया बा.ब्र. संध्या बहनजी “दीदीश्री”, शिकोहाबाद की मंगल प्रेरणा से “यशस्वी श्री कुंदकुंद कहान जैन चैरिटेबल ट्रस्ट” की स्थापना (20 मार्च 2017) को की गई। आज यह ट्रस्ट अपने नियमित स्वाध्याय एवं नित-नवीन गतिविधियों के कारण एक जाना-माना नाम बन गया है। यह ट्रस्ट निरंतर आत्महित के कार्य कर रहा है।
इस ट्रस्ट का उद्देश्य चारों अनुयोगों के समुचित स्वाध्याय के द्वारा आत्महित करना तथा सभी मोक्षार्थी जीवों को एक साथ एक समूह में बनाए रखना है — जो कि परिणामों की सँभाल करने के लिए आज के समय में अति आवश्यक है।
ट्रस्ट के कार्यक्षेत्र
आत्महित से लेकर जिनवाणी प्रकाशन तक — अनेक पुण्य कार्य
स्वास्थ्य लाभ
ब्रह्मचारी भाई एवं बहिनों को अहिंसक विधिपूर्वक स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराना।
आध्यात्मिक संगोष्ठियाँ
आध्यात्मिक संगोष्ठियों का नियमित आयोजन एवं तत्त्वचर्चा।
सामूहिक तीर्थयात्रा
सामूहिक तीर्थयात्राओं का आयोजन एवं संचालन।
सामूहिक स्वाध्याय
नियमित सामूहिक स्वाध्याय द्वारा तत्त्वचिंतन एवं तत्त्व-प्रभावना करना व कराना।
YouTube चैनल — अलका जैन
"सदा सहज अलका जैन – YSKKJCT" — दीदीश्री द्वारा रचित प्रवचन एवं भक्ति।
ऑनलाइन स्वाध्याय
कोरोनाकाल 25.03.2020 से Zoom द्वारा प्रात:-सायं ऑनलाइन स्वाध्याय (श्री अनिल भाई) — देश-विदेश से सैकड़ों साधर्मी लाभान्वित।
YouTube चैनल — अनिल जैन
"Er. Anil Jain – YSKKJCT" — स्वाध्याय का लाभ।
जिनशासन प्रभावना
नाटिकाएँ (निमित्त-उपादान, कर्म और जीव की अदालत), प्रश्नोत्तर/शास्त्र-सजाओ प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण।
नि:शुल्क सत्साहित्य
नि:शुल्क सत्साहित्य घर-घर पहुँचाना।
जिनवाणी प्रकाशन
जिनवाणी का प्रकाशन व प्रकाशन में सहयोग करना व कराना।
मन्दिर सहयोग
शिकोहाबाद श्री नेमिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर एवं जैन भवन आश्रम के हितार्थ तन-मन-धन से सहयोग।
शास्त्र प्रकाशन
श्री नियमसारजी, 24 तीर्थंकर स्तुति, पंचपरमागम रहस्य, 14 गुणस्थान आदि शास्त्रों का प्रकाशन।
प्रमुख सहयोगी
जिनके समर्पित योगदान से ट्रस्ट की गतिविधियाँ सतत प्रवाहमान हैं
श्री अनिल भाई
ट्रस्ट की समस्त गतिविधियाँ एवं ऑनलाइन स्वाध्याय में विशेष योगदान — उनके माध्यम से आज हज़ारों लोग स्वाध्यायी बने।
श्रीमती सदा सहज अलका जैन
ज्ञान-वैराग्यमयी रचनाओं का संकलन।
न्यासी मंडल
ट्रस्ट के समर्पित ट्रस्टीगण
श्री नरेन्द्र जैन
श्री राजेश जैन
श्री सुभाष जैन
श्री कुलदीप जैन
तथा सभी यशस्वी ट्रस्ट परिवार।
संबद्ध ट्रस्ट
ब्राह्मी सुंदरी विद्या निकेतन ट्रस्ट (रजि.)
श्री कुंदकुंद साधना वसादी ट्रस्ट (रजि.)
मधुवन, सम्मेद शिखरजी।
इस पुनीत संकल्प का अंग बनें
जिनवाणी प्रकाशन एवं धर्म-प्रभावना के इस पुण्य कार्य में तन, मन और धन से सहयोग दीजिए — अथवा स्वाध्याय एवं प्रवचनों से जुड़िए।